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Showing posts from 2014

उत्तराखंड का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी कौन - धोनी या जसपाल राणा

Uttarakhand News, New Delhi - जसपाल राणा और महेंद्र सिंह धोनी, दोनों ही भारत के विश्व विजेता खिलाड़ी रहे हैं। दोनी ही की गिनती हमेशा भारत के महानतम खिलाड़ियों में की जाएगी। लेकिन हमारा प्रश्न यह है कि इन दोनों में से किस खिलाड़ी की गिनती उत्तराखंड के महानतम खिलाड़ी के रूप में होनी चाहिए? महेंद्र सिंह धोनी निर्विवाद रूप से उत्तराखंड मूल के सर्वाधिक लोकप्रिय खिलाड़ी हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है, जिससे एक अत्यंत सफल व गौरवशाली क्रिकेटर का टेस्ट सफर का अंत हो गया है। एकदिवसीय और टी-ट्वेंटी क्रिकेट में उनका सफर फिलहाल जारी रहेगा। धोनी की गिनती केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के सर्वाधिक सफल कप्तानों में की जाएगी। भारत में तो कोई अन्य कप्तान उनके आसपास भी नजर नहीं आता। भारत के लिए धोनी ने सबसे ज्यादा 60 टेस्ट मैचों में कप्तानी की और उनमें से 27 में हमें विजयी बनाया। उनके बाद सबसे ज्यादा 21 टेस्ट मैच गांगुली ने भारत के लिए जीते। धोनी की कुछ सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है कभी हार ने मानने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला में 4-0 से धो डालना।

कड़कड़ाती ठंड में उत्तराखंडियों का दिल्ली में धरना, कैंडल मार्च

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Uttarakhand News, New Delhi - रामगंगा सड़क आंदोलन के बैनर तले उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की सल्ट क्षेत्र की जनता ने सड़क-निर्माण की मांग को लेकर  28 दिसंबर 2014 के दिन कड़कड़ाती ठंड में राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों की शिकायत है कि क्षेत्र के लोगों की दशकों पुरानी मांग और सन 2003 में सड़क-निर्माण को मिली स्वीकृति के बावजूद सड़क अभी तक नहीं बनी है, जिससे इलाके के लगभग 50 हजार लोगों को मध्ययुगीन हालात में जीवन बिताना पड़ रहा है। पिछले पचास सालों में सल्ट क्षेत्र की जनता ने उत्तर प्रदेश का शोषणकारी शासन भी देखा और उत्तराखंड राज्य बनने के बाद अपने तमाम विकासपुरुषों के खोखले आश्वासनों भरी राजनीति भी देख ली, पर सड़क नहीं बनी। मजबूर होकर सल्ट क्षेत्र की जनता को दिसंबर माह की कड़कड़ाती ठंड में जंतर-मंतर पर धरना देना पड़ा। ऐसा भी नहीं है कि उत्तराखंड के नेता सल्ट वासियों की इस समस्या से अवगत न हों। सन 1952 से ही इलाके के लोग सड़क निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। तब से जनता की भी और नेताओं की भी कई पीढ़ियां बदल गई, पर मानों शासन सड़क न बनाने पर अड़ा हुआ है। अपने ड्राइंगरूम मे

उदयपुर मंडल के सामाजिक कार्यों की सबने की प्रशंसा

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Uttarakhand News, New Delhi - उत्तराखंड के सामाजिक संगठन क्षेत्र के लोगों का जीवन स्तर उठाने के लिए जिस लगन और उत्साह से मेहनत करते हैं, अगर उत्तराखंड के नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी करते, तो शायद हम उत्तराखंडी प्रगति की राह में आज काफी आगे खड़े होते। ऐसा ही एक कर्मठ संगठन है - उदयपुर मंडल (गढ़वाल) दिल्ली (पंजी0)। गत रविवार (28 दिसंबर) को उदयपुर मंडल के तत्वावधान में दिल्ली के पंचकुइंयां रोड पर स्थित गढ़वाल भवन में एक बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता प्रवीण सिंह राणा ने की। बैठक में मुख्य अतिथि हरपाल सिंह रावत, जो मुख्यमंत्री, उत्तराखंड, के सलाहकार हैं, ने यमकेश्वर विकासखंड में अगस्त 2014 मे आई विनाशकारी प्राकृतिक आपदा के बाद पीड़ितों की मदद हेतु उठाए गए उत्तराखंड सरकार के कदमों की जानकारी दी। उन्होंने हरीश रावत के नेतृत्व में क्षेत्र के उत्थान के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा किए जा रहे विकासकार्यों के बारे में भी उपस्थित लोगों को बताया। आपदा से निपटने में उदयपुर मंडल के सहयोग के लिए रावत ने मुख्यमंत्री, उत्तराखंड की ओर से संस्था के सदस्यों को धन्यवाद दिया। इसके साथ ही उन्होें

नगर निगम की नाकामी व भ्रष्टाचार से हुए लाखों अवैध निर्माण: ममगांई

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Uttarakhand News, New Delhi - दिल्ली की राजनीति में उत्तराखंडियों का प्रतिनिधित्व करने वाले जगदीश ममगांई ने यह मांग की है कि सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण करने वालों और उन्हें प्रश्रय देने वाले निगमकर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। ममगांई, जो एकीकृत दिल्ली नगर निगम निर्माण समिति के पूर्व चेयरमैन रहे हैं, ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विशेष बिल पारित होने का स्वागत किया है। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा है, "तोड़-फोड़ की लटकी तलवार से केंद्र सराकर ने फिलहाल तीन साल तक की अस्थायी राहत दे दी है, लेकिन इस समस्या का एक स्थायी समाधान जरूरी है। भले ही जनहित में इन बस्तियों में रहने वाले लोगों को रहत दी गई है, जो जरूरी भी था, पर साथ ही दिल्ली में बड़े पैमाने पर हुए अवैध निर्माण, विशेषकर सरकारी जमीन को धोखे से गरीब लोगों को बेचने वाले भूमाफियाओं तथा मिलीभगत कर अवैध निर्माण करवाने वाले निगम अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए।" क्षेत्र के प्रमुख भाजपा नेता, ममगांई ने आगे कहा, "दिल्ली में हुए बेतहाशा अवैध निर्माण की वजह से लाखों लोगो

सड़क-निर्माण हेतु उत्तराखंडियों का जंतर-मंतर पर धरना 28 दिसंबर को

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Uttarakhand News, Almora - उत्तराखंड की सबसे बड़ी समस्या क्या है? बिजली, पानी, शिक्षा, बेरोजगारी या पलायन? आप मुझसे पूछेंगे, तो मेरा जवाब होगा - स्तरीय सड़कों और सुरक्षित परिवहन का अभाव। परिवहन भी तभी कारगर होगा जब सड़कें होंगी। उत्तराखंड में सड़कों का ही नितांत अभाव है। आज भी सैकड़ों गांव दुनिया-जहान से कटे हुए हैं। फिर आप बात करते हैं कि पलायन क्यों हो रहा है? उत्तराखंड के नेता भी बड़ी-बड़ी बातें करते रहे हैं, पर राज्य के गांव-देहात बाकी दुनिया से जुड़ जाएं, इसकी उन्हें चिंता शायद नहीं रहती। उत्तराखंड में जो सड़कें हैं भी वो बरसातों में ऐसे गायब हो जाती हैं मानों वहां कभी रही ही न हों। इसलिए अब उत्तराखंड की जनता को सड़क की मांग को लेकर भी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करना पड़ रहा है, इससे दुखद और क्या हो सकता है। रामगंगा सड़क आंदोलन के बैनर तले अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र की जनता 28 दिसंबर 2014 को दिल्ली में जंतर-मंतर पर दो बजे धरना देगी और शाम पांच बजे से कैंडल मार्च निकालेगी। नंदन सिंह रावत से मुझे प्राप्त विज्ञप्ति में यह भी लिखा है कि सल्ट के लोग सन 1952 से ही इस सड़क की मांग करते आ

नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में एक उत्तराखंडी की सिंह-गर्जना

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Uttarakhand News, New Delhi - अभी बीते रविवार की बात है। उसी दिन लिखे मेरे लेख पर हम लोग फेसबुक पर चर्चा कर रहे थे कि दिल्ली चुनावों में उत्तराखंडियों को टिकट न मिले तो उन्हें क्या करना चाहिए। राजनीति में लंबा अनुभव रखने वाले और गढ़वाल हितेषिणी सभा के पूर्व अध्यक्ष मनमोहन बुड़ाकोटी का कहना था कि यदि हम एकजुट हो जाएं, तो दिल्ली में किसी की ताकत नही कि वह उत्तराखंडी समाज का मुकाबला कर सके। सुरेंद्र सिंह भंडारी जी तो एक कदम बढ़कर उत्तराखंड में चुने हुए जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी दिल्ली के उत्तराखंडियों के उत्त्थान में देख रहे थे। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत से लंबे समय तक जुड़े रहे नंदन सिंह रावत, जो उत्तराखंड से जुड़े हर यज्ञ में आहुति जरूर देते रहे हैं, का कहना था कि समाज की एकता तब काम में आएगी, जब हममें राजनीतिक काबिलियत होगी। उत्तराखंडियों में राजनीतिक एकता की संभावना मुझे फिलहाल नजर नहीं आती। मुझे तो निजी तौर पर उत्तराखंड के युवा नेता दीपक द्विवेदी के क्रांतिकारी विचार सबसे ज्यादा अच्छे लगे। उनका कहना है कि हमें योग्य य्ुावा उत्तराखंडियों को चुनाव लड़वाना चाहिए। तो लीजिए भा

दिल्ली चुनावों में उत्तराखंडियों को क्यों नहीं मिलता टिकट?

Uttarakhand News, New Delhi - आज सुबह फोन पर एक मित्र से बात हुई, तो दिल्ली और उत्तराखंड में क्रम से सालों से राज करते आ रहे दो प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक दलों - कांग्रेस और भाजपा - को लेकर उनमें दिल के किसी कोने में छिपी निराशा उभरकर सामने आ गई। उनका कहना था कि ये राजनीतिक दल किसी भी उत्तराखंडी व्यक्ति को दिल्ली की किसी भी संसदीय सीट का उम्मीदवार निकट भविष्य में तो नहीं बनाएंगे। उनके हृदय की पीड़ा को उत्तराखंडी समाज समझ सकता है - लगभग 36 लाख की जनसंख्या और अपना एक भी प्रतिनिधि नहीं? दरअसल उक्त मित्र स्वयं भी इन्हीं राजनीतिक दलों में से एक में वर्षों से अपनी निस्वार्थ सेवाएं देते आ रहे हैं। एम.पी. तो दूर, उन्हें कभी काउंसलर (निगम पार्षद) के लायक भी इन राष्ट्रीय दलों ने नहीं समझा। अब आप पूछेंगे कि क्या यह व्यक्ति वास्तव में लायक है - जी हां, सौ प्रतिशत लायक है यह वयक्ति। उन्हें उनके इलाके में बहुत सम्मान प्राप्त है, चुनाव के वक्त क्षेत्रीय उम्मीदवार उनके घर जाकर उत्तराखंडी वोटों का 'आशीर्वाद' लेते रहे हैं और अनेक व्यक्ति अपनी समस्याएं लेकर उनके पास जाते हैं। शायद केवल सैकड़ों नह

मुख्यमंत्री ने थपथपाई स्कूल मैनेजमेंट की पीठ

Uttarakhand News, Dehradun - उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राजपुर रोड पर स्थित शार्प मेमोरियल स्कूल के 127 वें स्थापना दिवस और क्रिसमस कार्यक्रम में भाग लेते हुए स्कूल के संचालन में सेवा के आदर्शभाव की सराहना की। विद्यालय में दृष्टिहीन छात्रों को जिस तरह से बेहतर शिक्षा-दिक्षा मिल रही है और उनकी परवरिश की जा रही है, उसके लिए मुख्यमंत्री ने स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के सदस्यों को बधाई भी दी। स्कूल न केवल दृष्टिहीन विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि उन्हें व्यावसायिक शिक्षा के लिए भी प्रेरित कर रहा है। जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए शार्प मेमोरियल स्कूल के प्रयास मूल्यवान हैं। ईश्वर पर यकीन कर समाज के जरूरतमंदों में आत्मविश्वास पैदा करना निश्चित रूप से मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उत्तराखंड सरकार के लोक एवं जनसंपर्क विभाग की विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य सरकार की ओर से जो भी सहयोग इस आदर्श व प्रेरणादायक कार्य करने वाली संस्था के लिए किया जाना होगा, वह किया जाएगा।

उत्तराखंड महापंचायत में दहाड़े पहाड़ी शेर

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Uttarakhand News, New Delhi - उत्तराखंडियों की दिल्ली स्थित राजनीतिक दलों के हाथों हो रही भारी उपेक्षा से हताश गढ़वाली-कुमाऊंनी सामाजिक संस्थाओं के सैकड़ों प्रतिनिधि उत्तराखंड एकता मंच के बैनर तले उत्तराखंड महापंचायत में शामिल होने आज प्रात: 11 बजे केंद्रीय दिल्ली में स्थित ऐतिहासिक स्थल जंतर-मंतर पहुंचे। महापंचायत में उत्तराखंडी शेर पहाड़ की जनता की दिल्ली के हर क्षेत्र में हो रही उपेक्षा पर जमकर दहाड़ रहे हैं। चार बचने को हैं, पर उत्तराखंडियों के प्रतिनिधि अभी भी वहां जमे हुए हैं और अपनी बात वहां उपस्थित लोगों के साथ साझा कर रहे हैं। महापंचायत में पुरुष तो भारी संख्या में उपस्थित रहे ही, महिलाओं और बच्चों ने भी भाग लिया। लोगों को पहुंचने का सिलसिला 11 बचे से काफी पहले ही शुरू हो गया था। अनेक स्थानों पर बसों की सुविधा भी समाजसेवकों ने पर्वतीय जनता को दी, ताकि वे बिना किसी परेशानी के जंतर-मंतर पहुंच जाएं। महापंचायत के सफल आयोजन में जगदीश ममगाईं, ब्रजमोहन उप्रेती, नंदन सिंह रावत, बीडी धनोला, देवसिंह रावत, दिवान सिंह नयाल, डॉ विनोद बच्छेती, बच्चन सिंह धनोला, गंभीर सिंह नेगी और प्रेम

मानवाधिकारों की रक्षा पर मुख्यमंत्री का बल

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Uttarakhand News, Dehradun - उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विश्व मानव अधिकार दिवस के उपलक्ष्य पर मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के माध्यम से जनता को दिए संदेश में कहा है कि लोकतंत्र में मानवाधिकारों की रक्षा करना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। अपने संदेश में मान्नीय मुख्यमंत्री ने आगे इस बात पर जोर दिया है कि हर इन्सान को सिर उठाकर जीने का पूरा हक है। आजादी और सबको एक नज़र से देखना, मानवाधिकार का अटूट अंग हैं। श्री रावत ने कहा कि भारत के संविधान में भी नागरिकों को जीवन रक्षा के साथ-साथ समानता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि हस सबको वसुधैव कुटुम्बकम की भारतीय परंपरा का पालन करना चाहिए और जाति, संप्रदाय और धर्म से ऊपर उठकर मानव कल्याण के लिए काम करना चाहिए। विश्व के वर्तमान परिवेश में मानव अधिकारों के प्रति जागरुक रहना अज और भी ज्यादा प्रासंगिक हो गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जनता का आह्वान भी किया है कि वह आपसी भेदभाव को खत्म करके एक आदर्श समाज का निर्माण करने में अपना अमूल्य योगदान दे। उन्होंने कर्तव्यों का पालन करने पर भ

राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने पर मुख्यमंत्री की बधाई

Uttarakhand News, Dehradun - उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने हरीश रावत ने मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के माध्यम से राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 2014 के लिए चमोली जिले की छात्रा मोनिका और ऋषिकेश निवासी छात्र लाभांशु का चयन होने पर खुशी जाहिर की है और उनके परिजनों को बधाई दी है। अपने संदेश में मान्नीय मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि प्रदेश के साहसी बच्चों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया, जो कि सबके लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। 

सिटी मैजिस्ट्रेट - पॉलीथिन में न दें सामान

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Uttarakhand News, Haldwani - हल्द्वानी में देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल की पॉलीथिन इस्तेमाल करने की मांग को सिटी मैजिस्ट्रेट आर.डी. पालीवाल ने यह कहकर खारिज कर दिया है कि पॉलीथिन में सामान दिया गया तो कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने किसी भी तरह की पॉलीथिन के इस्तेमाल पर पहले ही रोक लगाई हुई है। दरअस्तल व्यापार मंडल की मांग थी कि 40 माइक्रोन से अधिक वाली पॉलीथिन का प्रयोग करने दिया जाए, क्योंकि उनके पास ऐसी काफी पालीथिन स्टाक में हैं और इस्तेमाल करने की अनुमति ने मिलने पर व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।