नगर निगम की नाकामी व भ्रष्टाचार से हुए लाखों अवैध निर्माण: ममगांई


Uttarakhand News, New Delhi - दिल्ली की राजनीति में उत्तराखंडियों का प्रतिनिधित्व करने वाले जगदीश ममगांई ने यह मांग की है कि सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण करने वालों और उन्हें प्रश्रय देने वाले निगमकर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

ममगांई, जो एकीकृत दिल्ली नगर निगम निर्माण समिति के पूर्व चेयरमैन रहे हैं, ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विशेष बिल पारित होने का स्वागत किया है।

उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा है, "तोड़-फोड़ की लटकी तलवार से केंद्र सराकर ने फिलहाल तीन साल तक की अस्थायी राहत दे दी है, लेकिन इस समस्या का एक स्थायी समाधान जरूरी है। भले ही जनहित में इन बस्तियों में रहने वाले लोगों को रहत दी गई है, जो जरूरी भी था, पर साथ ही दिल्ली में बड़े पैमाने पर हुए अवैध निर्माण, विशेषकर सरकारी जमीन को धोखे से गरीब लोगों को बेचने वाले भूमाफियाओं तथा मिलीभगत कर अवैध निर्माण करवाने वाले निगम अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए।"

क्षेत्र के प्रमुख भाजपा नेता, ममगांई ने आगे कहा, "दिल्ली में हुए बेतहाशा अवैध निर्माण की वजह से लाखों लोगों के बेघर होने का खतरा पैदा हो गया है और इसके लिए नगर निगम और दिल्ली पुलिस का भ्रष्टाचार जिम्मेदार है। निगम व पुलिस अधिकारियों ने धनराशि लेकर इससे कहीं ज्यादा अवैध निर्माण करवाए हैं।"

उन्होेंने आगे कहा कि दिल्लीवासियों में यह धारणा काफी समय से आम है कि निगम के बिल्डिंग विभाग के कर्मी एवं पार्षद तथा स्थानीय पुलिसकर्मी हर निर्माण पर लेंटर के अनुसार लाखों रूपए उगाहते हैं। उनकी जेब गरम किए बिना कोई निर्माण हो ही नहीं सकता। निगमों द्वारा दिल्ली में लाखों अवैध निर्माण होने की हाईकोर्ट में स्वीकारोक्ति से स्पष्ट है कि भ्रष्टाचार में वे किस कदर डूबे हैं, लेन-देन कर दिल्ली में बेतहाशा अवैध निर्माण करा देश की राजधानी दिल्ली को स्लम बना दिया है। अवैध निर्माण के इस गोरखधंधे से तीनों निगम बेशर्मी से पल्ला झाड़ते रहे हैं, जबकि दिल्ली में अवैध निर्माण रोकने व अंकुश लगाने की जिम्मेदारी इन्हीं पर थी।

स्पष्ट है कि अपनी जिम्मेदारी निभाने में वे नाकाम साबित हुए हैं। इतने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हो गए, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार निगम व पुलिस के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

ममगांई ने कहा कि अवैध निर्माणों के लिए जिम्मेदार निगम व पुलिस के भ्रष्टाचार कर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। मकानों के नक्शे पास करवाने की प्रक्रिया सरल बनाई जाए तथा भविष्य में और अधिक अवैध निर्माण न हो इसके लिए सख्त कानून व जबाबदेही सुनिश्चित की जाए।

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