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Saturday, December 27, 2014

सड़क-निर्माण हेतु उत्तराखंडियों का जंतर-मंतर पर धरना 28 दिसंबर को

Uttarakhand News, Almora - उत्तराखंड की सबसे बड़ी समस्या क्या है? बिजली, पानी, शिक्षा, बेरोजगारी या पलायन? आप मुझसे पूछेंगे, तो मेरा जवाब होगा - स्तरीय सड़कों और सुरक्षित परिवहन का अभाव। परिवहन भी तभी कारगर होगा जब सड़कें होंगी। उत्तराखंड में सड़कों का ही नितांत अभाव है। आज भी सैकड़ों गांव दुनिया-जहान से कटे हुए हैं। फिर आप बात करते हैं कि पलायन क्यों हो रहा है? उत्तराखंड के नेता भी बड़ी-बड़ी बातें करते रहे हैं, पर राज्य के गांव-देहात बाकी दुनिया से जुड़ जाएं, इसकी उन्हें चिंता शायद नहीं रहती। उत्तराखंड में जो सड़कें हैं भी वो बरसातों में ऐसे गायब हो जाती हैं मानों वहां कभी रही ही न हों।

इसलिए अब उत्तराखंड की जनता को सड़क की मांग को लेकर भी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करना पड़ रहा है, इससे दुखद और क्या हो सकता है। रामगंगा सड़क आंदोलन के बैनर तले अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र की जनता 28 दिसंबर 2014 को दिल्ली में जंतर-मंतर पर दो बजे धरना देगी और शाम पांच बजे से कैंडल मार्च निकालेगी। नंदन सिंह रावत से मुझे प्राप्त विज्ञप्ति में यह भी लिखा है कि सल्ट के लोग सन 1952 से ही इस सड़क की मांग करते आ रहे हैं और सन 2003 में सड़क निर्माण को स्वीकृति भी मिल गई थी। हैरानी की बात है कि यह सब उस अल्मोड़ा जिले में हो रहा है, जिसने उत्तराखंड को ही नहीं, बल्कि भारत को कई बड़े-बड़े नेता दिए हैं।

मुझे आशा है कि इस धरने और कैंडल मार्च का असर जरूर होगा। सड़क का निर्माण जल्द से जल्द शुरू होगा, जिससे 62 ग्राम पंचायतों और लगभग 50 हजार लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा। उत्तराखंड के संबधित मंत्रालय, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों को चाहिए कि इस समस्या के निदान के लिए शीघ्र-अतिशीघ्र कार्यवाही करें।

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