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Friday, January 2, 2015

उत्तराखंड के वन विकास निगम को और अधिकारों की पैरवी

Uttarakhand News, Dehradun - उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गत सोमवार, 29 दिसंबर के अपने कुमाऊं दौरे के दौरान बीजापुर अतिथि-गृह में वन विकास निगम के कार्यों की समीक्षा की तथा निगम को बेहतर कार्य संचालन के लिए अन्य राज्यों की तरह अधिकार दिए जाने पर बल दिया। रावत ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जंगलों में सूखे और जमीन पर पड़े वृक्षों का निगम छपान करे और उनके बेहतर विपणन की व्यवस्था करे। मुख्यमंत्री ने जंगल में बहने वाले छोटे नदी-नालों को भी खनन के दायरे में लाने के निर्देश निगम को दिए।

वन विकास निगम के काम-काज की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सलाह दी कि निगम अपना वर्किंग प्लान बनाए। उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री ने प्रमुख वन संरक्षक को यह भी निर्देश दिए कि जंगलों में सूखे और जमीन पर पड़े वृक्षों के छपान का अधिकार निगम को दिया जाए और महाप्रबंधक व कंजरवेटर की समिति का गठन  किया जाए।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने वाइल्ड लाइफ बोर्ड के गठन और माडर्न माइनिंग प्लान के लिए कार्ययोजना शीघ्र बनाने का निर्देश दिया।

बैठक में भाग लेने वालों में वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी, प्रमुख सचिव वन डॉ रणवीर सिंह, पीसीसीएफ एसएस शर्मा, प्रबंध निदेशक श्रीकांत चंदोला, अपर सचिव कर दिलीप जावलकर और महाप्रबंधक विनीत कुमार पांगति प्रमुख थे।

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