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Sunday, January 11, 2015

पवित्र मकरैणी/उतरैणी स्नान मेला 15 जनवरी को सूर यमुना घाट पर

Uttarakhand News, New Delhi - श्री गुरुमाणिकनाथ धाम उत्तराखंड 15 जनवरी 2015 को सुबह 4 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक सूर यमुना घाट, वजीराबाद, दिल्ली में तीसरा विशाल मकरैणी/उतरैणी स्नान मेले का आयोजन करने जा रहा है। उत्तराखंड के इस पवित्र पर्व के आयोजन में पुण्य स्नान हेतु सभी भक्तों को अमंत्रित किया गया है।

उत्तराखंड की लोक-संस्कृति, भाषा-बोली, रीति-रिवाज, खान-पान और रहन-सहन आदि परंपराओं से युवा पीढ़ी को परिचित कराने के लिए श्री माणिकनाथ धाम उत्तराखंड प्रतिबद्ध है। मकर संक्रांति के पौराणिक पर्व पर धाम यह सुनिश्चित करता है कि उत्तराखंडी युवा अपनी संस्कृति को अपनाएं।

मकरैणी/उतरैणी स्नान मेला कार्यक्रम इस प्रकार है -
॰ 14 जनवरी रात 11 बजे से उत्तराखंडी ढोल, दमऊं, मस्क-बीन, रणसींग, संग-जागरण तथा उत्तराखंडी कीर्तन
॰ 15 जनवरी सुबह 4 बजे से श्री माणिकनाथ जी की नवद, सभी उत्तराखंडी देवताओं की धुंयाल एवं स्नान प्रारंभ
॰ सुबह 6 बजे से हवन और श्री माणिकनाथ जी को रोठ-भोग, खिचड़ी प्रसाद
॰ सुबह 7 बजे से प्रत्येक कीर्तन मंडली द्वारा उत्तराखंडी कीर्तन, मांगल, संस्कार गीत, थड्या गीत और खुदेण गीतों की प्रस्तुति
॰ देवलसारी कैटर्स निर्मित उत्तराखंडी कौदा और झंगोरा डिश एवं भंडारा वितरण, दोपहर 12 बजे श्री माणिकनाथ जी की आरती, पूर्णाहुति

कर्मपुरा निवासी नंदन सिंह रावत से प्राप्त आमंत्रण पत्र में यह भी सूचित किया गया है कि इस कार्यक्रम के अवसर पर मंच की व्यवस्था केवल महिला कीर्तन मंडलियों के लिए ही की गई है। इस दिन मंच से विशिष्ट व्यक्तियों का परिचय तो होगा, लेकिन आयोजकों ने साफ कर दिया है कि माला और माइक की अपेक्षा न रखी जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि केवल वे ही पुरुष भक्त 14 जनवरी रात्रि 11 बजे जागरण हेतु पधारें, जिन्होंने कम से कम दो दिन पूर्व से लहसुन-प्याज़, मांस-मदिरा और कुविचारों का त्याग किया हुआ हो। आयोजन का समापन 15 जनवरी दोपहर 12 बजे किया जाएगा।

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