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Monday, January 26, 2015

उत्तराखंडियों की जीत होगी मोहन सिंह बिष्ट की जीत

Uttarakhand News - मोहन सिंह बिष्ट (Mohan Singh Bisht) का नाम बहुत सुना था, आज करावल नगर में उनका जलवा देख भी लिया। दिल्ली की राजनीति में वह सही मायनों में उत्तराखंड के शेर हैं। 
Mohan Singh Bisht with BJP leader Brajesh Saurabh
आज जब उनसे मुलाकात हुई, तो वह चुनाव प्रचार में व्यस्त थे। जनसभाओं को संबोधित करने की व्यवस्तता के बीच वह इलाके में हो रहे एक विवाह समारोह में भी पहुंच गए। रास्ते पर चलते-चलते आस-पास के लोगों को उनके नाम से इस तरह से बुला रहे थे, मानों करावल नगर एक विधानसभा चुनाव क्षेत्र न हो, बल्कि एक बड़ा-सा गांव हो, जहां रहने वाले सभी लोग एक-दूसरे को भली-भांति जानते-पहचानते हों। लोग-बाग उन्हें देखकर मार्ग पर ही अपनी समस्याओं की उनसे चर्चा करने लगते थे, जिससे स्पष्ट होता था कि वह बिष्ट जी के साथ कितने सहज हैं।
Mohan Singh Bisht with social worker Nandan Singh Rawat
जब उनसे पूछा कि इस बार उन्हें कितनी टक्कर मिल रही है विरोधी दलों से, तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, "विरोधी दल और उम्मीदवार जनता को कितना भी दिग्भ्रमित करने की कोशिश कर लें, पर मेरी दो दशकों की सेवाएं क्षेत्र के लोगों को याद हैं। जीत हमारी ही होगी।" उनके चेहरे पर आत्मविश्वास झलक रहा था।

उत्तरायणी को दिल्ली में राजकीय अवकाश का दर्जा देने की मांग करने वाले समाज सेवक नंदन सिंह रावत ने कहा, "मोहन दा दिल्ली की राजनीति में उत्तराखंड के सबसे सफल राजनीतिज्ञ हैं। उन्होंने यह सब अपने दम पर हासिल किया है। इस बार भी करावल नगर से जीत उनकी ही होगी।"

आज दिल्ली में एेसी भी अफवाह फैली हुई थी कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत के पुत्र कांग्रेस की तरफ से इसी क्षेत्र में चुनाव प्रचार करने पहुंचे हुए थे, हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी। पर चार बार इलाके में विजयश्री हासिल करने वाले बिष्ट जी की लोकप्रियता को देखते हुए, तो एेसा लगता है कि उनके खिलाफ चाहे कोई भी प्रचार करने आ जाए, परिणाम मोहन सिंह बिष्ट की जीत ही होगा।

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