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Wednesday, February 4, 2015

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने प्रवासियों से कहा - घर लौट आओ प्लीज

Uttarakhand News - उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 1 फरवरी के दिन मुंबई में निर्माणाधीन बद्रीनाथ मंदिर का शिलान्यास किया। करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस मंदिर का निर्माण उत्तराखंड मित्र मंडल नाम की संस्था कर रही है। पिछले कुछ सालों में उत्तराखंडी प्रवासियों ने जिस तरह से शानदार तरक्की की है, उसकी रावत ने तारीफ की और उनसे अनुरोध किया कि अब वे राज्य के विकास में योगदान दें।

यह वास्तव में गर्व की बात है कि उत्तराखंड के लोग जहां-जहां भी जाते हैं, वहां अपनी सभ्यता, संस्कृति और संस्कार साथ ले जाते हैं। लेकिन उत्तराखंड से हो रहे भारी पलायन व उसके नुकसान से भली-भांति परिचित रावत ने इस अवसर पर प्रवासी उत्तराखंडियों का आह्वान किया कि वे उत्तराखंड वापस लौट आएं। उन्होंने विशेष रूप से प्रवासी उत्तराखंडी निवेशकों से आग्रह किया कि वे अपनी जन्मभूमि के विकास में सहयोग करें और उत्तराखंड में उद्योग-धंघे लगाएं,  जिससे राज्य में रोजगार के अवसर पैदा हों और वर्तमान पीढ़ी के हो रहे भारी पलायन में कुछ कमी लाई जा सके।

मेरा गांव मेरा धन योजना के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने प्रवासी व्यावसायियों से कहा कि वे इस योजना में निवेश करके उत्तराखंड में शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में मददगार बन सकते हैं। बताया गया कि इस योजना के तहत विद्यालय, चिकित्सालय, आंगनबाड़ी और आईटीआई के भवनों का निर्माण किया जाता है और राज्य सरकार निवेश की गई धनराशि पर सामान्य एफडी से 2 प्रतिशत अधिक ब्याज देगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में छोटे व लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष नीति बनाई गई है। वहां उद्योग लगाने वाले उद्योगपतियों को विशेष सहूलियते दी जाएंगी। उन्होंने आह्वान किया कि प्रवासी उद्योगपति इस नीति का लाभ उठाएं और उद्योग लगाकर उत्तराखंड के विकास में सहयोग करें। 

मुख्यमंत्री ने मंडल को भी आश्वासन दिया कि बद्रीनाथ मंदिर के निर्माण में उत्तराखंड सरकार हरसंभव सहायता करेगी। उन्होंने कहा कि मुंबई में भगवान बद्रीनाथ के प्रतीक की पूजा उत्तराखंड के चार धामों की यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए प्रेरणा का काम करेगी। संस्था के अनुसार मंदिर के साथ ही 3 कम्यूनिटी हाल और 100 कमरों का निर्माण भी किया जाएगा, जिनमें उत्तराखंड से पढ़ाई के लिए मुंबई आने वाले विद्यार्थियों और इलजा के लिए आने वाले मरीजों के निशुल्क ठहरने की व्यवस्था की जाएगी।

शिलान्यास के अवसर पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, उद्योगपति मोहन काला, हीरा सिंह भाकुनी और महामंडलेश्वर विश्वेश्वरा नंद समेत कई संत-महात्मा व मुंबई में रहने वाले सैकड़ों उत्तराखंडी मौजूद थे।

उत्तराखंड समाज को चाहिए कि वह हर शहर में, जहां उत्तराखंडियों की जनसंख्या पर्याप्त है, ऐसे स्थलों का निर्माण करे, जो उत्तराखंड से वहां जाने वाले जरूरतमदों के लिए मददगार साबित हो सके। मुंबई की उत्तराखंड मित्र मंडल संस्था वास्तव में प्रशंसा की पात्र है।

1 comment:

  1. Sir,

    We haven't seen & felt that any initiative has taken in this regards by the government to promote this. After the formation of the Uttarakhand, we are still far behind in our identity. 16 Years are long time to change our status. Hope the time has come, when we want someone who can really take our state to new heights & help our state to be developed state. Jai Hind Jai Uttarakhand @PD

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