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Showing posts from March, 2015

क्या स्वयंभू ईमानदार पार्टी की बैठक बन गई गुंडों का जमावड़ा

Uttarakhand News - कहते हैं सत्ता निरंकुश होती है। सत्ता इन्सान का दिमाग खराब कर देती है। सत्ता के लिए दोस्त ही दोस्त का दुश्मन हो जाता है। सत्ताधारी नेता सारी ताकत अपने हाथ में रखना चाहता है और साम-दाम-दंड-भेद किसी भी तरह विरोधियों का संपूर्ण सफाया करने को तत्पर रहता है। दिल्ली विधानसभा चुनावों में अभूतपूर्व जीत हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में आज जो कुछ होने का आरोप योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण लगा रहे हैं, उससे तो ऐसा प्रतीत होता है कि ईमानदार पार्टी होने का दावा करने वाला दल वास्तव में भाड़े के गुंडों का जमावड़ा गया है। बताया जाता है कि बैठक में लगभग 300 लोग थे और सिर्फ आठ लोगों ने योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, प्रो. आनंद कुमार और अजीत झा को पाट्री की राष्ट्रीय कार्यसमिति से निकालने का विरोध किया। योगेंद्र यादव ने तो यह भी दावा किया कि 167 सदस्यों से पहले ही हस्ताक्षर करा लिए गए थे। बैठक पूरी तरह से स्क्रिप्टिड थी। योगेंद्र यादव ने आगे कहा - बैठक में बाउंसर बुलाए गए थे और हमारे साथी को धसीटा गया। प्रशांत भूषण ने कहा - न्यूट्रल अॉबसर्वर को बै

उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के नए कर्णधार क्या भला करेंगे कांग्रेस का

Uttarakhand News - कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, जनार्दन द्विवेदी, ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके सूचना दी है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकारी समिति के लिए मनोनीत सदस्यों के नामों को अपनी स्वीकृति दे दी है। जिस तरह से कांग्रेस ने भारी संख्या में उपाध्यक्ष और महासचिव व सचिव पद बांटे हैं, उससे लगता है कि सूची बनाते समय सभी प्रभावशाली गुटों को खुश करने की भरपूर कोशिश की गई है। वैसे भी पहले केंद्र और उसके बाद एक-एक करके कई राज्यों में बुरी तरह से शिकस्त खाने के बाद कांग्रेस के पास कोई और चारा ही नहीं बचा है। अब तो जो साथ हैं, उन्हें खुश रखा जाए इसी में भलाई है, वरना डूबती हुई नाव में सवारी कौन करना चाहेगा। देश की राजनीति के महासमुद्र में फिलहाल कांग्रेस की नाव डूबती नज़र आ रही है, पर फिर भी उत्तराखंड कांग्रेस के पद बांटने में भाई-भतीजावाद को पूरा प्रश्रय दिया गया है। आप सूची में दर्ज नाम पढ़ेंगे, तो खुद ही समझ जाएंगे कि उत्तराखंड की राजनीति में कांग्रेस के सबसे बड़े नाम से लेकर उनके सिपहसालारों के रिश्तेदारों तक सभी को उत्तरा

हिम उत्तरायणी पत्रिका के लोकार्पण समारोह के बहाने एक साहित्यिक योगी से मुलाकात

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Uttarakhand News - पांचजन्य के सहयोगी संपादक सूर्य प्रकाश सेमवाल और उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध सोशल एक्टिविस्ट और कांग्रेस नेता नंदन सिंह रावत ने जब मुझे हिम उत्तरायणी के लोकार्पण समारोह में आमंत्रित किया, तो मुझे बहुत खुशी हुई कि उत्तराखंडी समाज अपनी संस्कृति और साहित्य को लेकर कितना जागरुक है। हिम उत्तरायणी का अर्थ मैंने अपनी जानकारी के हिसाब से कर लिया, क्योंकि नंदन सिंह रावत उत्तरायणी पर्व के दिन को राजकीय अवकाश घोषित करवाने के लिए लंबे समय से संघर्षरत हैं। कार्यक्रम मेरी उम्मीद से ज़्यादा लाभकर सिद्ध हुआ। महान साहित्यिक योगी डॉ नरेंद्र कोहली का सम्मान करते नंदन सिंह रावत रविवार, मार्च 22, 2015 को अटल सहयात्रियों का अभिनंदन एवं हिम उत्तरायणी पत्रिका का लोकार्पण समारोह कार्यक्रम में भाग लेने मैं नंदन सिंह रावत और उत्तराखंड के युवा कलाकार मयंक आर्या के साथ 3 बजे दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित अणुव्रत भवन में पहुंचा और हमें वहां अनेक महान साहित्यकारों, शिक्षाविदों और राजनीतिज्ञों के सान्निध्य का अवसर प्राप्त हुआ। जब हमने यथोचित रूप से सुसज्जित और पवित्रता से नहाए चमचमाते हॉल मे

गढ़वाल भवन मामले में एसएचओ के लाइनहाज़िर होने की बात सच या झूठ?

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Uttarakhand News - गत रविवार मैं दिल्ली में पंचकुंइयां रोड पर स्थित गढ़वाल भवन गया, तो सबसे पहले गेट पर लगे इस नोटिस पर मेरी नज़र पड़ी। सेल पर लगी सील से गढ़वाल भवन से जुड़े लोग ही नहीं समस्त उत्तराखंडी समाज के लोगों को इस मामले में न्याय मिलने की उम्मीद और बढ़ गई है। गढ़वाल भवन और उसके गेट पर लगा नोटिस। आज सारा दिन उत्तराखंडी समाज में इस बात की चर्चा हो रही थी कि गढ़वाल भवन मामले में मंदिर मार्ग थाने के एसएचओ को लाइन हाज़िर कर दिया गया है। बहुत से लोगों ने तो फेसबुक पर गढ़वाल भवन के पदाधिकारियों को बधाई भी दे दी। यह सच है या कोरी अफवाह, यह बात तो भविष्य के गर्भ में छिपी हुई है। पर कुछ भी हो मामला काफी दिलचस्प नज़र आ रहा है। गढ़वाल भवन वैसे भी अकसर चर्चा का विषय बना रहता है। इन निरर्थक चर्चाओं का केंद्र रहती है गढ़वाल भवन का संचालन करने वाली कमेटी के चुनाव में शिरकत करने वाले गुटों के बीच की राजनीति। ऐसा माना जाता है कि यहां चुनाव लड़ने वाले बहुत से लोग उत्तराखंड या दिल्ली की राजनीति में अपना भविष्य देख रहे होते हैं। अब सच कुछ भी हो, पर इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि गढ़वाल भव

मां चंद्रवदनी मंदिर को बद्री-केदार की तरह धाम के रूप में मान्यता दिलाने की मुहिम

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Uttarakhand News - गैर-सरकारी संगठन भयात के तत्वावधान में मार्च 15 को सुबह 11 बजे दिल्ली के पंचकुइयां मार्ग स्थित गढ़वाल भवन में एक बैठक का आयोजन किया, जिसमें - देव संस्कृति बचाओ - अभियान के तहत दिल्ली की उत्तराखंड मूल की जनता का आह्वान किया गया कि वह चैत्र नवरात्र (मार्च 20 से 28, 2015) के दौरान टिहरी गढ़वाल में लगने वाले नौ दिवसीय नवरात्र आयोजन में भारी संख्या में भागीदारी करे। बैठक की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध समाजसेवी डॉ विनोद बछेती ने की और उन्होंने अपने संबोधन में उत्तराखंड के लिए पर्यटन उद्योग के महत्व पर प्रकाश डाला। अनिल कुमार पंत ने सुझाव दिया कि देव संस्कृति बचाओ अभियान के तहत उत्तराखंड के पौराणिक महत्व वाले सभी उपेक्षित धर्म स्थलों के बारे में जानकारी का प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए, ताकि उन सभी का विकास सुनिश्चित किया जा सके। क्या किसी क्षेत्र-विशेष के लोग अपने प्रयासों से अपने इलाके में स्थित किसी मंदिर को इतना प्रसिद्ध करवा सकते हैं कि पूरी दुनिया में उसे बद्रीनाथ, केदारनाथ या यमनोत्री-गंगोत्री जैसी मान्यता मिल जाए? इस विषय पर बैठक में मौजूद लोगों में एकमत नहीं

मां चंद्रबदनी की पहली यात्रा दिल्ली से मार्च 26 को करेगी प्रस्थान

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Uttarakhand News - भरत रावत ने यह विज्ञप्ति भेजी है - मित्रों मुझे यह बताते हुए बहुत ही हर्ष हो रहा है कि कल गढ़वाल भवन में "देव संस्कृति बचाओ अभियान" के तहत माँ चन्द्रबदनी सिद्धपीठ को धाम बनाने हेतु की गयी बैठक सफल रही है और आप सभी मित्रों के प्रयास से पहली यात्रा इन नवरात्रों में 26 मार्च को दिल्ली से बसों द्वारा निकाली जा रही है जिसके लिये 175 से अधिक माता के भक्तों ने जाने का संकल्प लिया है...; यह यात्रा दिल्ली 26 मार्च को दिल्ली से "माँ चन्द्रबदनी" धाम एवं "नीलकंठ महादेव" होते हुए 28 मार्च को दिल्ली वापसी होगी, जिसके लिये नाममात्र का शुल्क 1000/- प्रति व्यक्ति लिया जा रहा है, जिसमें आने जाने का किराया, खाने एवं ठहरने की व्यवस्था शामिल है । यदि आप भी इस यात्रा से जुड़ना चाहते हैं तो संपर्क करें - 09811526475 / 09999338404 09350535391 / 011-42765391 ---- भरत रावत 

उत्तराखंड की जर्जर सड़कों और खस्ताहाल बसों से यात्रियों की जान खतरे में

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Uttarakhand News - उत्तराखंड के मुख्यमंत्री (Uttarakhand Chief Minister) हरीश रावत ने कहा है कि राज्य के उद्योगों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए यह बेहद ज़रूरी है कि श्रमिक और सेवायोजकों के बीच सौहार्द्रपूर्ण संबंध हों। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और श्रममंत्री ने प्रेस विज्ञप्तियां जारी करके राज्य में विभिन्न उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली है।। लेकिन यही लोग उत्तराखंड की जर्जर सड़कों में खस्ताहाल सरकारी वाहनों में यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा के प्रति सजग क्यों नहीं हैं, यह मेरे लिए हैरानी का विषय है। कितने ही उत्तराखंडी युवक, महिलाएं, बच्चे और वृद्ध हर साल इन खूनी सड़कों और वाहनों की भेंट चढ़ जाते हैं। पर शासन और प्रशासन हैं कि उनकी नींद टूटती ही नहीं। उत्तराखंड सरकार के सूचना एवं लोकसंपर्क विभाग द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार हरीश रावत ने श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति ये विचार "राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस" के अवसर पर प्रकट किए। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों का आह्वान किय है कि सभी उद्यमी और श्रमिक यह सुनिश्चित करें कि