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Dobra Chanti Bridge: can you call it a Bridge

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Uttarakhand News - Dobra Chanti Bridge has become a never ending story for people of Uttarakhand. The construction is going on for the last eight years and as per several media sources more than 130 crore Rupees have been spent, but local people have got nothing. Just check the picture, do you call it a bridge? Dobra Chanti Bridge: Bridge or two towers?

कब तक करेंगे प्रकृति से पाखंड

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Uttarakhand News - (सच्चिदानंद शर्मा) Sachidanand Sharma, Raj Nagar, Ghaziabad विश्व पर्यावरण दिवस पर कुछ लिखने से पहले हिमालयन गौरव कवि गिर्दा की इस रचना का जिक्र  न करना न्यायसंगत नहीं होगा ।  एक तरफ बर्बाद बस्तियाँ – एक तरफ हो तुम। एक तरफ डूबती कश्तियाँ – एक तरफ हो तुम। एक तरफ हैं सूखी नदियाँ – एक तरफ हो तुम। एक तरफ है प्यासी दुनियाँ – एक तरफ हो तुम। अजी वाह ! क्या बात तुम्हारी, तुम तो पानी के व्योपारी, खेल तुम्हारा, तुम्हीं खिलाड़ी, बिछी हुई ये बिसात तुम्हारी, सारा पानी चूस रहे हो, नदी-समन्दर लूट रहे हो, गंगा-यमुना की छाती पर कंकड़-पत्थर कूट रहे हो, उफ!! तुम्हारी ये खुदगर्जी, चलेगी कब तक ये मनमर्जी, जिस दिन डोलगी ये धरती, सर से निकलेगी सब मस्ती, महल-चौबारे बह जायेंगे खाली रौखड़ रह जायेंगे बूँद-बूँद को तरसोगे जब - बोल व्योपारी – तब क्या होगा ? नगद – उधारी – तब क्या होगा ?? आज भले ही मौज उड़ा लो, नदियों को प्यासा तड़पा लो, गंगा को कीचड़ कर डालो, लेकिन डोलेगी जब धरती – बोल व्योपारी – तब क्या होगा ? वर्ल्ड बैंक के टोकनधारी – तब क्या होगा ? योजनकार

आखिर कब तक हमारा शोषण करते रहेंगे नेता

Uttarakhand News - दोस्तो हमारे उत्तराखन्ड के विकास के लिए कोई रोडमैप ही नही बना हैं... ..! यह समस्या पूरे उत्तराखण्ड में व्यापक रुप से मौजूद है, जब तक उत्तराखण्ड के लिये राज्य सरकार द्वारा कोई रोडमैप तैयार नही होता विकास गति को आगे बढाना बेहद मुश्किल कार्य है समझने का प्रयास कीजिए.....! कब बनेगा और कौन बनायेगा.....! जनता का शोषण कब तक करेंगे हमारे स्थानीय नेता ....! इन विचारों को हमारे सम्मुख रखने वाले लेखक हैं, अल्मोड़ा के किशन सिंह भंडारी।  Kishan Singh Bhandari Village & Post Manhet Molekhal Salt Block Distt Almora Uttrakhand. Pin 263667 Cont. No..+919958953879

उत्तराखंड में आपदा का मतलब नौकरशाही/नेताओं/ठेकेदारों/दलालों की पौ-बारह

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Uttarakhand News - (भरत रावत) - जून 2013 में जब उत्तराखंड भीषण आपदा से जूझ रहा था, केदारघाटी में लाशों के ढे़र लगे थे, जान बचाने का संघर्ष चल रहा था और लोग भूख-प्यास से बिलबिला रहे थे। उस समय राहत एवं बचाव में लगे अधिकारी महंगे होटलों में रात गुजार भोजन में लजीज व्यंजन (चिकन-मटन-अंडे, मटर-पनीर व गुलाब-जामुन) का स्वाद ले रहे थे। फोटो व आलेख: साभार भरत रावत। जून 2013 की उत्तराखंड त्रास्दी में पीड़ितों को राहत के पहुंचाने गए कार्मिकों ने किस तरह सरकारी खर्चे पर मौज उड़ाई और राहत कार्यों में अनियमितताएं बरतीं, यह जानकारी आरटीआइ कार्यकर्ता देहरादून निवासी भूपेंद्र कुमार के अथक प्रयास के बाद ही सामने आ पाई। आपदा के समय जिस तरह लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तड़प रहे थे, उसे देखते हुए उनके मन में आपदा राहत कार्यों की सच्चाई जानने का ख्याल आया। इसके लिए उन्होंने रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ व बागेश्वर के जिलाधिकारियों से आरटीआई में सूचना मांगी। आशंका के अनुरूप उन्हें सूचनाएं लेने में डेढ़ साल का लंबा समय लग गया। सूचना के लिए उन्हें सूचना आयोग का दरवाजा भी खटखटाना पड़ा।

हरीश रावत सरकार को फिर से सीखना होगा जनहित का पाठ

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Uttarakhand News - एक भाई घनेंद्र सिंह रावत ने आज मुझे किसी समाचारपत्र की कटिंग भेजी, पर कहा कुछ नहीं। उसमें लिखे समाचार को पढ़ने के बाद मुझे समझ में आ गया कि रावत जी को औऱ कुछ बताने की जरूरत भी नहीं थी। दरअसल समाचार में बताया गया था कि गढ़वाल के यमकेश्वर प्रखंड के ग्रामीण गंगा भोगपुर में क्रमिक अनशन में बैठे हैं। ग्रामीणों की तीन-सूत्री मांगें हैं - बीन नदी पर पुल, कौड़िया-किमसार मौटरमार्ग और बाढ़ सुरक्षा के लिए तटबंध का निर्माण। उक्त समाचार के अनुसार राजाजी राष्ट्रीय टाइगर रिजर्व पार्क प्रभावित संघर्ष समिति का क्रमिक अनशन 13 वें दिन भी जारी रहा। शनिवार, 23 मई, को शाम के वक्त अनशनकारी सरिता देवी की तबियत इतनी खराब हो गई कि उन्हें ऋषिकेश स्थित राजकीय चिकित्सालय पहुंचाना पड़ा। अनशनकारियों ने घटना की जानकारी सिविल पुलिस व राजस्व पुलिस को भी दी, पर खबर के अनुसार देर शाम तक कोई वहां नहीं पहुंचा। आश्चर्य और उससे भी ज्यादा यह दुख की बात है कि ऐसी मांगों के लिए उत्तराखंंड की जनता को अनशन करना पड़ता है। ये हालात केवल यमकेश्वर ब्लॉक के नहीं हैं। अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र की जनता ने भी कुछ

Tallest Dam in India: Uttarakhand's Tehri Dam

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Uttarakhand News - Uttarakhand's Tehri Dam is the tallest dam in India. This photo was clicked on a cold morning and the water is not visible because of a thin layer of fog enveloping it.

Uttarakhand; Eternal Ganga at Hardwar

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Uttarakhand News -- The Eternal Ganga at Hardwar Sent from my BlackBerry® smartphone from !DEA